कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948
कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 का प्रख्यापन उस एकीकृत आवश्यकता आधारित सामाजिक बीमा योजना को समाविष्ट करता है जो बीमारी, मातृत्व , अस्थायी या स्थायी शारीरिक अपंगता, रोज़गार चोट के कारण मृत्यु के प्रणामस्वरूप मज़दूरी या अर्जन क्षमता की हानि जैसी आकस्मिकताओं में कामगारों के हितों को संरक्षित करता है। यह अधिनियम कामगारों और उनके आसन्न आश्रितजनों को युक्तियुक्त अच्छी चिकित्सा देखरेख की गारंटी देता है।

कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के प्रख्यापन के बाद केन्द्रीय सरकार ने इस योजना को चलाने के लिए क॰रा॰बी॰ निगम की स्थापना की। उसके बाद यह योजना सबसे पहले 24 फरवरी 1952 को कानपुर एवं दिल्ली में लागू की गई। इसके अतिरिक्त इस अधिनियम ने प्रसूति हितलाभ अधिनियम, 1961 तथा कामगार प्रतिकर अधिनियम, 1923 के अंतर्गत नियोक्ताओं को उनके दायित्वों से विमुक्त किया। इस अधिनियम के अंतर्गत कर्मचारियों को प्रदान किए गए हितलाभ अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आई॰ एल॰ ओ॰ ) सम्मेलन के भी अनुरूप हैं।

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कर्मचारी राज्य बीमा (संशोधन) अधिनियम, 2010 (2010 का अधिनियम संख्यांक 18), दिनांक 24.05.2010
Employees' State Insurance (Central) Rules, 1950 [Downloadable format (.doc format)]
कर्मचारी राज्य बीमा निगम अधिसूचना ।[Downloadable format (.doc format)]
Employees' State Insurance Act, 1948 [.htm format]
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