|
क.रा.बी. योजना स्वभावतः अंशदायी होने के कारण, अधिनियम लागू होने वाले कारखानों या स्थापनाओं के सभी कर्मचारियों को अधिनियम में प्रदत्त रीति के अनुसार बीमाकृत किया जाएगा। किसी कर्मचारी के संबंध में निगम को अदा किया जाने वाला अंशदान विनिर्दिष्ट दर पर नियोक्ता अंशदान तथा कर्मचारी अंशदान होगा । यह दरें समय-समय पर परिशोधित होती रहती हैं। इस समय कर्मचारी अंशदान दर (01.01.1997 से प्रभावी) मजदूरी का 1.75% है तथा नियोक्ता के मामले में प्रत्येक मजदूरी अवधि में कर्मचारियों के संबंध में अदा/देय मजदूरी का 4.75% है। रुपये 100/- तक दैनिक औसत मजदूरी प्राप्त करने वाले कर्मचारी अंशदान की अदायगी से छूट प्राप्त हैं । तथापि नियोक्ताओं इन कर्मचारियों के संबंध में भी अपना अंश अदा करना अपेक्षित होता है ।
अंशदान संग्रहण:
नियोजक अपने प्रत्येक कर्मचारी के संबंध में अपना अंशदान अदा करने तथा मजदूरी बिल से कर्मचारियों के अंशदान की कटौती करने का उत्तरदायी है तथा इन अंशदानों को ऊपर विनिर्दिष्ट दरों पर, जिस माह यह देय बनता है, उस कैलेंडर माह के अंतिम दिन से 21 दिनों के भीतर निगम में जमा कराएगा । निगम ने भारतीय स्टेट बैंक तथा कुछ अन्य बैंकों की नामोद्दिष्ट शाखाओं को अपनी ओर से भुगतान प्राप्त करने के लिए प्राधिकृत कर रखा है ।
अंशदान और हितलाभ अवधियाँ:
यहाँ दो अंशदान अवधियाँ हैं, प्रत्येक 6 महीने की है और दो तदनुरुपी हितलाभ अवधियाँ भी हैं 6 महीने की अवधि निम्नानुसार होती है:-
अंशदान अवधी तदनुरूपी नकद हितलाभ अवधि:
| अंशदान अवधि |
हितलाभ अवधि |
| 1 अप्रैल से 30 सितम्बर तक |
आगामी वर्ष की 1 जनवरी से 30 जून तक |
| 1 अक्तूबर से आगामी वर्ष के 31 मार्च तक |
1 जुलाई से 31 दिसम्बर |
|
|
|
कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 |
|
"कर्मचारियों के लिए बीमारी, प्रसवकालीन और सेवाकाल की स्थिति में कुछ विशेष हितलाभ प्रदान करने तथा उनसे संबन्धित मामलों में उपबंध बनाने हेतु बनाया गया अधिनियम। "
कोई शंका होने पर कृपया ई-मेल आई॰ डी॰ : esic-hqrs@esic.in पर लिखें।
|
|
|
|
|
|
|
|
|
© कॉपीराइट 2011, क॰रा॰बी॰नि॰ सर्वाधिकार सुरक्षित |
|
|
|